कोरोना काल

कभी कहते थे जरा धीरे चल
कभी कहते थे जरा सम्भल कर चल
जनाब अब मौका यह है कि
सब कहते है जरा चल तो सही
इतनी थमी भी तो ठीक नहीं
थोड़ा संतुलन बना कर चल
यह प्रकृति हमें सिखा रही
जिंदगी में समता का पाठ पढ़ा रही।

Comments

8 responses to “कोरोना काल”

  1. वाह जी वाह

    1. शुक्रिया

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. शुक्रिया

  3. Geeta kumari

    Nice lines 👌

    1. शुक्रिया

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