“कोरोना का कहर”

कोरोना का बढ़ गया है,
फ़िर से कहर
हे प्रभु कर दो,
अब तो महर
सर्दी आ रही है,
हमें डरा रही है
सुना है सर्दी में
बढ़ता है इसका कहर
हे प्रभु कर दो अब तो महर
आई है फ़िर से कोरोना की लहर
परेशान हो गया है दिल्ली शहर
भय सा रहता है हर पहर
हे प्रभु कर दो कुछ तो महर
दिल्ली शहर में तो बुरा हाल है,
आपके यहां इसकी क्या चाल है?

*****✍️गीता

Comments

8 responses to ““कोरोना का कहर””

  1. कोरोना महामारी के कारण
    जीवन अस्त व्यस्त हो गया है
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी

  2. Praduman Amit

    सही कहा आपने। यह रोग पूरे विश्व को हिला कर रख दिया है। कहीं ए थर्ड विश्व युद्ध तो नहीं??????

    1. बहुत बहुत आभार अमित जी

  3. Virendra sen Avatar
    Virendra sen

    कोरोना के कहर से हलकान खूबसूरत अभिव्यक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏

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