कोरोना बढ़ने लगा

कोरोना बढ़ने लगा,
रह सचेत इंसान,
मास्क लगाकर रखना है
कहना मेरा मान।
कहना मेरा मान,
बचा खुद के जीवन को,
जागरूकता से ही,
रक्षित कर जीवन को।
आज वक्त की यही जरूरत
सजग रहो,
बचाव करो ना,
रोको यह संक्रमण
तुम रोको कोरोना।

Comments

9 responses to “कोरोना बढ़ने लगा”

  1. Geeta kumari

    कोरोना बढ़ने लगा,
    रह सचेत इंसान,
    मास्क लगाकर रखना है
    कहना मेरा मान।
    _________ कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी से कैसे बच कर रहना है, अपनी छंद बद्ध शैली में, सुंदर सुझाव देती हुई कवि सतीश जी की एक श्रेष्ठ रचना.. जय हो

  2. कोरोना बढ़ने लगा,
    रह सचेत इंसान,
    मास्क लगाकर रखना है
    कहना मेरा मान।
    _________ कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी से कैसे बच कर रहना है, अपनी छंद बद्ध शैली में, सुंदर सुझाव देती हुई कवि सतीश जी की एक श्रेष्ठ रचना..

  3. Anu Mehta

    ati sunder

  4. कोरोना पर कभी सतीश पाण्डेय जी की अति उत्तम कविता

  5. कोरोना पर कवि सतीश पाण्डेय जी की अति उत्तम कविता

  6. बहुत सुंदर रचना

  7. बहुत खूब अति सुंदर और लाजवाब कविता

  8. सही जानकारी

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