क्या जिंदगी है

बचपन में खेल का तकाजा,
जवानी में मौसम के तकाजा
तो बुढ़ापे में उम्र की तकाजा ।।
जब आ जाए अंतिम घड़ी ,
उठ जाता है हम सब के जनाजा ।।

Comments

3 responses to “क्या जिंदगी है”

  1. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

  2. क्या बात है वाह। तकाजा, तकाजा, कितना सुंदर ध्वनि साम्य है। बहुत खूब

Leave a Reply

New Report

Close