कौन कहता है कागज के फूलो से ,
कभी खुशबू आ नहीं सकती है।
मैं कहता हूँ – क्या तुमने कभी,
कागज के फूलो पे सच्चे मन से-
महबूबा के नाम लिख कर देखा है।।
……. क्या तुमने कभी
Comments
5 responses to “……. क्या तुमने कभी”
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वाह! बहुत सुंदर
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धन्यवाद।
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बहुत ख़ूब
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शुक्रिया।
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बेहतरीन
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