9 Comments

  1. हम क्यूं नहीं समझ पाते हैं मजदूरों की लाचारी को,
    उधारी का ठप्पा लगाकर
    नहीं देते हैं पैसे मजदूरों की दिहाड़ी को,
    —— बहुत सुंदर पंक्तियाँ और उच्च स्तरीय रचना।

  2. मजदूरों की मेहनत को समझो, हथियार मत बनाओ उसकी कमजोरी को।।
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

Leave a Reply