क्यों निभा रहे हैं हम

क्यों निभा रहे हैं हम,
इस झूठे रिश्ते को,
जहां वो हमें अपना नहीं मानते,
और हम उन्हें पराया नहीं।

Comments

14 responses to “क्यों निभा रहे हैं हम”

    1. धन्यवाद सर

  1. Praduman Amit

    इश्क़ की आग 🔥 इधर भी है उधर भी है।
    कहे कैसे यही मुश्किल इधर भी है उधर भी है।।

  2. Geeta kumari

    बहुत ख़ूब

    1. बहुत बहुत धन्यवाद मैम

    1. धन्यवाद सर

  3. सुन्दर अभिव्यक्ति

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    सुंदर पंक्तियां

  5. Deep

    सुन्दर

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