6 Comments

  1. कहे सतीश सब एक, देख यह जन्म और गत,
    सभी एक से मानव हैं तू भेद बना मत।
    ___________ सभी मनुष्य को एक समान मानती हुई, और किसी में भी भेदभाव न करने की प्रेरणा देती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही श्रेष्ठ रचना, समाज को सुंदर साहित्य प्रदान करती ..अति उत्तम रचना

Leave a Reply