खामोशियों को अपनी
बस एक राज रहने दो
आज कुछ मोहब्बत की बातें हो जायें,
शिकायतों के पुलिंदे कल खोल लेना,
आज रहने दो।
अंधेरों की, उजालों की,
बातें आज करते हैं,
बड़ा गमगीन है दिल,
गम की बातें आज रहने दो।।
“खामोशियां एक राज हैं”

Comments
3 responses to ““खामोशियां एक राज हैं””
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आपकी कविता में प्रेम रस की बरसात हो रही है।
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आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
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अतिसुंदर भाव
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