क्यों खामोशी का कारवां है ,
तेरे और मेरे बीच ,
ना तुम उसे तोड़ते हो ,
ना मैं उसे लांगती हूं।
खामोशी का कारवां
Comments
14 responses to “खामोशी का कारवां”
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सुंदर चित्रण।
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Thank you
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Nice
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Thanks
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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Nice
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Thank you
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद सर
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वाह क्या बात है
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धन्यवाद सर
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