खामोशी का कारवां

क्यों खामोशी का कारवां है ,
तेरे और मेरे बीच ,
ना तुम उसे तोड़ते हो ,
ना मैं उसे लांगती हूं।

Comments

14 responses to “खामोशी का कारवां”

  1. Praduman Amit

    सुंदर चित्रण।

  2. Deep

    बहुत खूब

  3. वाह क्या बात है

  4. प्रतिमा

    धन्यवाद सर

Leave a Reply

New Report

Close