12 Comments

  1. बहुत जबरदस्त लिखा है आपने। कुछ कहते नहीं बन रहा है। मन के भीतर से निकली इस अभिव्यक्ति को प्रणाम।

  2. बहुत ही मार्मिक
    “बस ,अब बहुत हुया
    नारी को ही जगना होगा
    सितम का सामना करना होगा
    जंग को खुद ही लड़ना होगा
    जंग को खुद ही लड़ना होगा।”
    भावपूर्ण व बहुत सुंदर लेखनी

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