खूबसूरत शाम

खूबसूरत शाम
चारों ओर चमकते बल्ब
लग रहे हैं ऐसे
किसी ने
काली चुनरी में
सितारे जड़ दिए हों जैसे।
चमचम चमकता शहर
सांझ का पहर
देख ले जी भर कर
विलंब न कर।
ये आसमान के सितारे
जमीं पर किसने उतारे,
जिसने भी उतारे
मगर लग रहे हैं प्यारे।

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Responses

  1. वाह,पर्वतों की रात के खूबसूरत नज़ारे का बहुत ही खूबसूरत चित्रण प्रस्तुत करती हुई बहुत सुन्दर कविता।बहुत सुंदर लय और बहुत सुंदर शिल्प

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