4 Comments

  1. “खूब दीपक जल रहें हैं जगमगाहट सब तरफ है,”
    लाजवाब अभिव्यक्ति दिवाली की रौनक का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत किया है कवि सतीश जी ने । बहुत सुंदर रचना

  2. खिल रही खुशियाँ अनेकों,
    आज रौनक ही अलग है।
    धन-धान्य हो भरपूर
    सबकी कामनाएं गूंजती हैं,
    यह पंक्तियां मन को छू गईं

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