खेल खेलने बैठा तो खिलाड़ी न मिला,
एक बन्दर को उसका मदारी न मिला,
ज़िन्दगी की बिसात में हम कुछ फंसे ऐसे,
कि हमारी चालोन को कोई जबाबी न मिला।।
राही (अंजाना)
खेल खेलने बैठा तो खिलाड़ी न मिला

Comments
3 responses to “खेल खेलने बैठा तो खिलाड़ी न मिला”
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बहुत खुब सर
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धन्यवाद ज्योति जी
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Good
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