खेल

देते हो सब कुछ फिर सब कुछ ले जाते हो
इस खेल से भगवान् आप कौन सा सुख पाते हो
जब बना ही दिया खिलाड़ी तो खेलने की शक्ति दो
दुख देके आप हमको अपनी याद ही दिलाते हो

Comments

4 responses to “खेल”

  1. Ekta Gupta

    Very nice thought

  2. vikash kumar

    Great

Leave a Reply

New Report

Close