ख्वाब और ख्वाहिश

हर ख्वाब परवान चढ़े,
ये ख्वाहिश भी नहीं है।
आप ने अपना माना है,
ये दिल ने भी जाना है
हर ख़्वाब पूरा नहीं होता,
हकीक़त भी यही है..

*****✍️गीता*****

Comments

8 responses to “ख्वाब और ख्वाहिश”

  1. वाह इतना शानदार लिखा है, लेखनी में भरपूर क्षमता है। वास्तव में जो भी आप लिखती हैं ठोस लिखती हैं।

    1. Geeta kumari

      आपकी इस सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी 🙏 आपकी अद्भुत समीक्षा शक्ति को मेरा प्रणाम ,अभिवादन …..

    1. Geeta kumari

      बहुत शुक्रिया भाई जी 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत सारा धन्यवाद है ईशा जी 💐

    1. Geeta kumari

      Thank you sir much Chandra ji 🙏

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