पतिदेव हर जगह,
शान दिखाया करते थे
“मैं कुछ सालों से,
गीता के उपदेश पर चल रहा हूं”
यह सब को बताया करते थे
लोग भी उनके आगे,
नतमस्तक हो जाया करते थे
फ़िर एक दिन, बचपन के एक मित्र ने,
असलियत कर दी बयान
बोले बेकार की शान है,
“गीता” इनकी पत्नी का नाम है
________✍️गीता
गीता के उपदेश
Comments
8 responses to “गीता के उपदेश”
-
बहुत खूब
-
बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏
-
-

😂😂 अति सुंदर
-
Thanks pragya
-
-

Good
-
Thanks
-
-
बहुत ही उम्दा औऱ स्तरीय हास्य रचना।
-
बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.