जीवन तो है आना जाना।
अपने फर्ज कभी न भुलाना।
अपने वतन पर मिटेंगे हम
कभी न कदम पीछे हटाना।
जो जां काम न आए वतन पर
कैसे मां रा कर्ज चुकाना।
आओ कदम बड़ाएं मिलकर
देश को यूं आगे बड़ाना।
तिरंगा घर घर लहराएगा
दुश्मन का न तुम खौफ खाना।।।
कामनी गुप्ता ***
गीतिका
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Comments
4 responses to “गीतिका”
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Bahut khub ji
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Thanks ji
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Nice
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जय हिंद
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