शुक्रवार का ही दिवस था,
यीशु के बलिदान का दिन,
सूली पर चढ़ गए,
उस महान इन्सान की याद का दिन।
शत्-शत् नमन है ईसा मसीह को
मसीहा था जो इन्सानियत का
एक पवित्र आत्मा इस धरा पर आई
देने को प्रेम का संदेश।
25 दिसंबर को जन्म हुआ था,
येरूशलम के बेतलहम गांव में।
माता का नाम मदर मरियम,
पिता का नाम जोसफ था।
यहाँ कुछ लोग उन्हें,
प्रभु का पुत्र या अवतार मानते हैं।
ईस्टर के पहले शुक्रवार को,
कुछ लोगों के कहने पर पितालुस ने,
क्रॉस वाली सूली पर लटकाया था।
गुड फ्राइडे मनाते हैं, यीशु की याद में
प्रार्थना करते हैं और मोमबत्तियां जलाते हैं
ईसा मसीह की याद में।
तकदीर सुधारने आए थे,
वो सब की इस संसार में।
बिना किसी गलती के ही,
चढ़ा दिया था सूली पर
संसार के कुछ शैतानों ने।
आज उन्हीं यीशु की याद में,
हम गुड फ्राइडे दिवस मनाते हैं
हाथ जोड़ कोटिशः नमन है,
आओ हम सब शीश झुकाते हैं॥
_____✍गीता
गुड फ्राइडे
Comments
4 responses to “गुड फ्राइडे”
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आज उन्हीं यीशु की याद में,
हम गुड फ्राइडे दिवस मनाते हैं
हाथ जोड़ कोटिशः नमन है,
आओ हम सब शीश झुकाते हैं
—— कवि गीता जी की बहुत सुंदर और यथार्थ रचना। बहुत खूब -
अतिसुंदर रचना
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बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏
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उत्साह प्रदान करती हुई इस शानदार समीक्षा के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी हार्दिक आभार
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