कितनी शिद्दत से हम तुझे चाहते थे
तुझको अपना नसीब मानते थे..
*********************************
तुमने हमें छोंड़कर गैरों को मोहब्बत बक्शी
पर हम तो फकत तुझे अपना मानते थे..
गैरों को मोहब्बत
Comments
3 responses to “गैरों को मोहब्बत”
-

Was kaya kahne
-

धन्यवाद
-
-
सुंदर
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.