चंद्रशेखर

भीम पार्टी आई देखो
भीम पार्टी आई
दलित को गोद में लेकर
खुद को नेता समझे भाई
वह कहती है
ब्राह्मण, ठाकुर और तलवार
इनको मारो जूते चार
और सभी प्यारे बंधु
दलित पर हो रहा है अत्याचार
यह कैसी सोंच है भाई ?
और कहाँ कि है नैतिकता
भारत लड़ लेता है
बाहरी दुश्मनों से पर
आस्तीन के सांपों के
आगे ना टिकता
गंदी राजनीति करके
चंद्रशेखर क्यों फूट डालते हो
हम हिन्दू भाईयों में
पहले से ही है संग्राम छिड़ा
पाकिस्तानियों और चीनियों में
एक कानून देश में लागू है
लोकतंत्र का देश है
सब रहते हैं स्वतंत्र यहाँ
यह हमारा प्यारा देश है…

Comments

7 responses to “चंद्रशेखर”

  1. Geeta kumari

    बहुत ही सोचनीय बात रखी है कवि प्रज्ञा जी ने कि बाहरी दुश्मन से ही निबट लो ।आपस में जातिवाद के नाम पर झगड़े करना मूर्खतापूर्ण ही है ।जिसने गलती की है उसे सज़ा मिले ,इसका जातिवाद से क्या लेना देना है ।बहुत शानदार प्रस्तुति ।

    1. लेना-देना कोई नहीं पर
      हमारे देश की राजनीति जातिवाद पर ही चलती है जिसकी वोट काटनी हो उसे पीड़ित बता दो……

      1. Geeta kumari

        Hmm, इसीलिए सोचनीय है ।

  2. This comment is currently unavailable

    1. सर धन्यवाद

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