चरण वंदना

तेरा सब तुझको अर्पण,
तू दे दे मुझे सहारा।
क्यों रूठा है तू भगवान
अब थाम ले हाथ हमारा
है नाव भंवर में मेरी
तू ही पतवार ,किनारा
मांझी बनकर नैया की,
तू बन जा खेवन हारा।
निमिषा सिंघल

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