चलो एक बार हम
फिर से दिखावा आज करते हैं
तुम पूँछो की कैसे हो ?
हम कह दें की अच्छे हैं।
अब तो रातों में रोना भी
हमको खूब आता है
बस एक बार तेरी बेवफाई
याद करते हैं।
चलो एक बार..
Comments
12 responses to “चलो एक बार..”
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बहुत ही उम्दा
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🙏🙏
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🙏🙏
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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लाजवाब
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🙏🙏
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इश्क़ में गर ए दोस्त अश्क ना होता।
तनहाई में ज़ालिम कैसे याद आता।।-

धन्यवाद
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Very nice lines
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Thanks
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