चाँद छत पर से मेरे
रोज़ यूं गुजरता है
जैसे उसे मालूम हो
कि उसी के जैसे
मेरा यार दिखता है ।
चांद
Comments
11 responses to “चांद”
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Nice
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थैंक्स
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Good
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धन्यवाद
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Nice
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Thanks
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Good
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थैंक्स
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वाह
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थैंक्स
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Nice
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