10 Comments

  1. मनमोहक छवि मनमोहन की
    और मनहर है हर लीला उनकी।
    आनन्दकन्द आनन्द सबन हित
    घर-घर चोरी की माखन की।।
    बहुत ही सुंदर रचना…… वाह वाह क्या बात है!!!!!!

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