चुन लो तुमको
जो चुनना है।
मुझे हर फ़ैसला
मंज़ूर है।
तुम्हारी दोस्ती भी
तुम्हारी बेवफाई भी।
चुन लो
Comments
4 responses to “चुन लो”
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Wah
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वो गलती से कई बार डाल दी
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दो दो लाइन का क्या मज़ा है।
लगता है जैसे सब सजा है।।-
अभी इतनी अकलमन्द नही हुँ
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