चुप्पियों को मेरी कमजोरी न समझ ले कोई

चुप्पियों को मेरी कमजोरी न समझ ले कोई,
तो आज कल ज़रा ज्यादा बोलने लगा हूँ मैं।।
– राही (अंजाना)

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