छु न सके हथियार

छु न सके हथियार जिसे, उसे वो नजरो से घायल करते रहे,,
हम भी बने हिम्मती इतने,, वो वार करते रहे, हम हलाल होते रहे!!
कल तक मिल्कियत की जिसकी मिसाले देता था जमाना,
उसे ही वो होठों के जाम पिलाते रहे,, हम भी शौक से पीते रहे!!
कुछ तो बात हैं कान्हा, जो सितारे उसे चंदा समझ लेते हैं अक्सर,,
काश!! वो भी मेरी ख़ामोशी समझ पाए और  हम भी उन्हें देखते रहे!!

Comments

11 responses to “छु न सके हथियार”

  1. Panna Avatar
    Panna

    Nice one friend

    1. अंकित तिवारी Avatar
      अंकित तिवारी

      Shukriya dost

  2. Sumit Nanda Avatar
    Sumit Nanda

    kuch kaha nahi usne kabhi
    or me bahut kuch sunta raha… 🙂

    1. अंकित तिवारी Avatar
      अंकित तिवारी

      Kya baat hain sumit bhai,,,, Shandaar …

  3. Ajay Nawal Avatar
    Ajay Nawal

    bahut achi kavita ankit bhai

    1. अंकित तिवारी Avatar
      अंकित तिवारी

      Shukriya dost

  4. Pankaj Soni Avatar
    Pankaj Soni

    एक पर एक शानदार …..पेशकश

  5. राम नरेशपुरवाला

    Good

  6. राम नरेशपुरवाला

    वाह

  7. Satish Pandey

    उसे ही वो होठों के जाम पिलाते रहे,, हम भी शौक से पीते रहे!!
    वाह क्या बात है लाजबाब

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