जन्मदात्री “मां”

मां मेरी इल्तजा, मां मेरी प्रार्थना,
मां की ममता का मोल चुका पाऊं ना,
मां वेद भी है,मां पुराण भी है,
मां है ईसा की बाइबिल,मां मोहम्मद की कुरान है,
मां का प्यार असीम है मां की ममता को तोल पाऊं ना,
मां की ममता का मोल चुका पाऊं ना,
मां क्षमा की प्रतिमा, मां दयालुता की मूरत,
भगवान ने एक मां को ही दी अपनी सूरत,
मां बनकर सूरज बच्चों के जीवन में उजाला करें,
छू भी पाए कहीं हमें अंधकार ना

Comments

6 responses to “जन्मदात्री “मां””

  1. Ekta

    मां ईश्वर की पवित्र रचना,मां को कभी कमजोर ना समझना,
    मां होती है बच्चों की संरक्षिका,दिखलाती सदा सत मार्ग हमें बनकर हमारी मार्गदर्शिका,
    ना बिन एक पल भी मैं जी पाऊं ना,
    मां की ही लिखावट हूं मै,मां के बारे में कुछ भी लिख पाऊं ना,
    —✍️एकता–

  2. Amita Gupta

    मातृ दिवस पर दिल को छू जाने वाली अभिव्यक्ति

  3. Pragya

    बहुत ही प्यारी कविता

  4. vikash kumar

    Great poem

  5. मां मेरी इल्तजा है मां मेरी प्रार्थना बहुत ही खूबसूरत पंक्तियां

Leave a Reply

New Report

Close