जब मै बूडा हो जाउगा,जब आँखो के दीये बूझ जाएंगे,
कया तबी तुम मुझको चाहोगी,कया तबभी तुम मुझको प्यार करोगी,
बोला ना.
जब मेरी आँखे धुधली हो जाएंगी,जब चेहरे की झुर्रियां ज़िन्दगी की कशमकश से झोल जाएंगी,
जब लडखडाते कदम अपनी मोहताजी का सहारा मगेगी,
काय तब भी तुम मेरी हमकदम बन कर साथ चलोगी.
बोलो ना.
बोलो ना,जीस तरहा आज तूम मेरा हमसाया हो,हमकदम हो,
जब मेरी शीकशत जिंदगी थक के चुर हो जाएंगी,
जब मेरा अकेलापन तुमको आवाज देगा,
कया तब भी तुम मुझसे मीलने आओगी,
बोलो ना.
जब मै बूडा हो जाउगा,कया तबी तुम मुझको चाहोगी.
बोलो ना.
By-M.A.K
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