जलन

जलने का ही शौक है तो दीपक की तरह जलो
अंधेरा दूर करदे अपना और अपनो का चलो
प्रेम के मार्ग की दीवार है जलन वह
उन्नति के पादप के नीचे छाँव सा पलों

Comments

5 responses to “जलन”

  1. Ekta Gupta

    Very good

  2. Amita Gupta

    सुंदर पंक्तियां

  3. vikash kumar

    Great

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