जवाब

हर क्यूं का जवाब नहीं होता,
हर जवाब लाजवाब नहीं होता ।
यूं तो हम ख्वाब देखते हैं बहुत सारे,
पर, हर ख्वाब तो पूरा नहीं होता ।

Comments

9 responses to “जवाब”

  1. वह पूँछते हैं भूल तो नहीं जाओगे मुझे..
    मैं क्या जवाब दूँ जब सवाल ही नहीं उठता..
    बहुत उम्दा वा सटीक शायरी

  2. Geeta kumari

    बहुत बहुत धन्यवाद आपका प्रज्ञा बहन 🙏

  3. बहुत ही शानदार। ये पंक्तियां कवि की भाव और शिल्प पर मजबूत पकड़ को दर्शा रही हैं। keep it up, गीता जी

    1. Geeta kumari

      सुन्दर समीक्षा के लिए सादर धन्यवाद सर 🙏
      प्रेरक समीक्षा हेतु हार्दिक आभार 🙏

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏

  4. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति

  5. Piyush Joshi

    बहुत सुंदर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी 🙏

Leave a Reply

New Report

Close