जाने क्यूँ तुम मुझे
इतना चाहते हो
ना चाहते हुए भी
प्यार जताते हो
हम किसी और की
अमानत हैं साहब!
क्यों हम पर
इतना प्यार लुटाते हो ?
जाने क्यूँ..
Comments
5 responses to “जाने क्यूँ..”
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लाजवाब, बहुत ख़ूब
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धन्यवाद
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बहुत खूब, सुन्दर और लाजवाब चित्रण
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धन्यवाद
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बेहतरीन
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