5 Comments

  1. जिंदगी की दौड़ में फ़र्ज़ और प्रेम के बीच जूझते व्यक्ति पर आधारित बहुत सुंदर और रोचक रचना

  2. वास्तव में सर आज के इस भौतिक युग प्रेम का स्थान मानव हृदय से क्षण प्रति क्षण कम होता जा रहा है, आपने यथार्थ चित्रण किया है

Leave a Reply