दिल खोया हुआ है अलसाई बादियों में
ख्वाबों को भी नींद लग गयी है
सर्दी की इस अलसाई आदतों ने
जिंदगी जैसे रुक सी गयी है
जिंदगी जैसे रुक सी गयी है
Comments
5 responses to “जिंदगी जैसे रुक सी गयी है”
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सही फ़रमाया आपने अन्नू जी…..
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nice
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वाह
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बहुत खूब
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सुन्दर प्रस्तुति
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