रुह जब लहू होकर रोती है
मौत से जिंदगी जब रूबरू होती है
लौट आते है सारे मंजर नजर में मेरी
जब जिंदगी मौत सी हूबहू होती है
जिंदगी मौत सी
Comments
11 responses to “जिंदगी मौत सी”
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बहुत खूब
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thanks
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thanks
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Nice
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नाईस
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thanks
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रूह और लहू में कोई समानता ना होने के कारण उसकी उपमा देना अनुचित है
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thanks
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वेलकम
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लाजवाब
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thanks
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