ना नज़ारो की बात करता हूँ
ना हज़ारो की बात करता हूँ
जिसने तराशे है यह नायाब हीरे
उसमें मिलने की बात करता हूँ
……. यूई
जिसने तराशे है यह नायाब हीरे
Comments
2 responses to “जिसने तराशे है यह नायाब हीरे”
-

बहुत सुंदर
-

Beautiful
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.