गज़ल
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सुना तुमने नहीं हमको,
सुना हमने नहीं तुमको
मगर महसूस करते थे
हर एहसास में तुमको
जुनून था तुमको हरगिज यार!
औरों की मोहब्बत का,
सब कुछ जानते थे हम
मगर रोंका नहीं तुमको
सोंचा था ये हमने
तुम मेरी परवाह करते हो
जताते हो नहीं लेकिन
मुझी से प्यार करते हो
मगर जब तोड़ डाला दिल
तो यह आया समझ हमको
फकत तुम अच्छे लगते हो
मगर ना दिल के अच्छे हो…
जुनून था तुमको हरगिज यार !!
Comments
4 responses to “जुनून था तुमको हरगिज यार !!”
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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Thanks
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