जो उड़ रहे थे परिंदे बेख़ौफ़ खुले आसमाँ में,

जो उड़ रहे थे परिंदे बेख़ौफ़ खुले आसमाँ में,
Comments
6 responses to “जो उड़ रहे थे परिंदे बेख़ौफ़ खुले आसमाँ में,”
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वाह बेहतरीन
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धन्यवाद सर
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Nice
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अति सुंदर
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कम शब्दों में बड़ी बात
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बहुत ही उम्दा
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