जो गज़लों में मोहब्बत हो
तो कैसा हो ?
तो कैसा हो ?
जो आँखों में शरारत हो
तो कैसा हो ?
तो कैसा हो ?
छनक कर तू मिले लफ्जों-सा मुझसे
चूम ले मुझको
तुझी में डूब जाऊं मैं
तो कैसा हो ?
तो कैसा हो ?
दिलों की रेलगाड़ी में
सफर करके तू जब थक जा
मेरे कांधे पे सुस्ता ले
तो कैसा हो ?
तो कैसा हो ?
जो गज़लों में मोहब्बत हो !!!
Comments
4 responses to “जो गज़लों में मोहब्बत हो !!!”
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great
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अतिसुंदर
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Thanks
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Nice
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