4 Comments

  1. चलते चलते राहों में
    पड़ गए पांव में छाले।
    देख तेरे महफिल को
    आ ‘ राही’ कुछ गाले।।
    बहुत सुंदर राहीजी
    आप आए महफिल सुहाना हो गया।
    देख आपके जख्मों को
    हर जख्म यहाँ से खो गया।

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