टूटा हुआ दिल

अभिव्यक्ति ह्रदय से:-
+++++++++++++
आज तोड़ दिया तुमने
मेरा टूटा हुआ दिल !
ऐसा लग रहा है जैसे
सीने पर एक पत्थर-सा रखा है मेरे।
एक तुम ही थे
जिससे थोड़ी बहुत उम्मीदें लगा रखी थीं मैंने !
तुमने भी मुंह मोड़कर मुझे
मुंह के बल गिरा दिया।।

Comments

10 responses to “टूटा हुआ दिल”

  1. Satish Pandey

    वाह, टूटे हुए दिल को भी तोड़ने की गहरी संवेदना व्यक्त हुई है।
    “तुमने भी मुंह मोड़कर मुझे
    मुंह के बल गिरा दिया।।” में कविता को अनुप्रास से अलंकृत किया गया है। सुन्दर कविता

  2. Geeta kumari

    अनुप्रास अलंकार से सजी सुंदर रचना ।

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  4. Pratima chaudhary

    Nice lines

    1. Pragya Shukla

      🙏🙏

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