ठंडक पधारो
आ रही नवरात्रि है,
खुशियां पधारो
आ रही नवरात्रि है।
पितृपक्ष बीत कर
जा रहा है,
आज अब।
याद कर पितरों सबने
है दिया तर्पण श्रद्धा से।
अब कुछ ही दिन बाद देखो
नवरात्र पर्व आ रहा है।
ठंडक पधारो
अब मेघों का मौसम
जा रहा है।
ठंडक पधारो
Comments
One response to “ठंडक पधारो”
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Bahut sundar
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