थोड़ी सी कोशिश करें,
थोड़ी रखें उम्मीद
रास्ते भी मिल जाएंगे,
ना हो ना उम्मीद
कुछ भरोसा भी रख,
क्या पता मुकद्दर
खुद तुझे तलाश ले ।।
तलाश
Comments
6 responses to “तलाश”
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वाह बहुत सुंदर आशावादी काव्य
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समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई जी 🙏
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बहुत सुंदर रचना
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Thank you very much Joshi ji 🙏
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बहुत ही खूबसूरत भाव सजाये हुए, प्रेरित करती बेहतरीन पंक्तियाँ। सुबोध और सरल पंक्तियाँ। सहज भाषा व शिल्प का प्रयोग। वाह गीता जी
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बहुत सारा धन्यवाद है सतीश जी । इतनी सुन्दर और उत्साह वर्धन करती हुई समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत शुक्रिया सर 🙏
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