तिनके से सिया ने रावण को डराया,
तिनके में राम का स्वरूप दिखाया।
श्रद्धा हो तो तिनके में भगवान बसते ,
नहीं तो मूर्तियों में ही पाषाण दिखते।
तिनको से पक्षियों का घर बन जाता,
तिनका गजानन के मस्तक पर चढ जाता।
तिनका डूबते को सहारा दे देता है,
तिनका ब्रह्मशीर्षास्त्र का संधान कर देता है।
तिनका पतित को पावन बना देता,
तिनका सूतक के सारे दोष मिटा देता।
तिनके से पितरों का तर्पण होता,
तिनका बड़ा ही अनमोल होता।
✍️मयंक✍️
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