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  1. मैं पीङ तेरी अपनाना चाहती हूँ
    तेरे आँसूओ की वज़ह जानना चाहती हूँ ।।
    भाव पर कितनी गहरी पकड़ है। प्रसंशा को शब्द नहीं हैं।

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