तुम्हारा वो sorry वाला मैसेज पढ़कर
जाने क्यूं आँख में आँसू आ गये !
सुनने में तो बहुत अच्छा लगा
कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास तो हुआ !
पर जाने क्यूं एक टीस-सी
उठी दिल में…
शायद तुम्हारा स्वाभिमान से उठा सिर
ही मुझे पसंद है
तुम्हारा झुका हुआ सिर मुझे
बिल्कुल अच्छा नहीं लगता
अब कभी मुझे sorry’ मत बोलना
वरना मुझे रोता हुआ पाओगे…
तुम्हारा वो सॉरी वाला मैसेज
Comments
8 responses to “तुम्हारा वो सॉरी वाला मैसेज”
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अतिसुंदर
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धन्यवाद शास्त्री जी
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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Thanks
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दिल छू लेनी वाली रचना।
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Thanks
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