तूं मेरा आधार है…………..

है कठिन जीवन बहुत,

चहुं और हाहाकार है

बोझ घर का सर पे है,

हर चीज की दरकार है।

बहन शादी को है तरसे,

भाई तक बेकार है

मात—पिता चुप हैं दोनों,

थक चुके लाचार हैं।

मैं अकेला लड रहा हूं,

तीर ना तलवार है

खट रहा हूं, बंट रहा हूं,

घुट रहा घर—बार है।

हौंसला देता है मुझको,

एक तेरा प्यार है

तूं जमीं, तूं आस्मां,बस,

तूं मेरा आधार है।

——-सतीश कसेरा

Comments

5 responses to “तूं मेरा आधार है…………..”

  1. Panna Avatar

    Zindagi ek ladai he…khoobsurat alfazo me zindagi ko bayaan kiya he aapne

  2. satish Kasera Avatar
    satish Kasera

    Thanks Panna

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

  4. Satish Pandey

    बहुत खूब

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