मेरे दर्द को तो नहीं छुआ……..

अच्छा हुआ या बुरा हुआ

सब पहले ही से है तय हुआ।

कोई दूर से रहा ताकता

कोई पास हो के भी न हुआ।

मेरे दिल पे हाथ तो रख दिया

मेरे दर्द को तो नहीं छुआ।

मेरी बात वो समझा नहीं

जो कहा था मैने बिन कहा।

मुझे अब भी उसकी तलाश है

जो मुझमें है कहीं गुम हुआ।

———सतीश कसेरा

Comments

6 responses to “मेरे दर्द को तो नहीं छुआ……..”

  1. satish Kasera Avatar
    satish Kasera

    Thanks Panna

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Abhilasha Shrivastava Avatar
    Abhilasha Shrivastava

    Very well written

  4. Satish Pandey

    बहुत खूब

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