तेरी रहमत से ही उमर भर पी मैंने

तेरी रहमत  से ही उमर भर पी मैंने

तेरी बरकत  की सब सह कर पी मैंने

                              …….. यूई

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2 responses to “तेरी रहमत से ही उमर भर पी मैंने”

  1. भावपूर्ण रचना 

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